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मलाल

अबसे लेके अंत तक दुआ हम दो करेंगे
एक तेरी, एक तेरे लिये करेंगे

कोशिश-ए-खताएं कम और मिन्नतें थोडी ज़्यादा करेंगे

मौहौबत तो मुकम्मिल नहीं होती कोई
दो इनसानो की नीयत एक नही होती होई
उपर से, ज़र्रा हो या पाहाड हो, कया जाने कोई आगे क्या हाल हो
हाल-ए-दिल एक सा हो सो हो, अंजाम-ए-हाल तो ख़ुदा-बक्श हो

अबसे लेके अंत तक दुआ हम दो करेंगे
एक तेरी, एक तेरे लिये करेंगे

कोशिश-ए-खताएं कम और मिन्नतें थोडी ज़्यादा करेंगे

किसमत-ए-आज़माईश से बचना तो बस में नही हमारे
पर आज़माए गए तो लहू का कतरा कतरा नाम करदेंगे तुमहारे
इतमनान बस इतना रख्खो की वक्त पढा तो सोचेंगे नही दोबारा
मानलो ये हत्ज़ है हमारा

अबसे लेके अंत तक दुआ हम दो करेंगे
एक तेरी, एक तेरे लिये करेंगे

कोशिश-ए-खताएं कम और मिन्नतें थोडी ज़्यादा करेंगे

हम हैं ये जानलो क्योंकी रूह हो तुम हमारी
तरक्की में जुस्तजू और नाकामयाबी में ताकत हो हमारी
तुम हो हम या हम तुम, फरक ये दुनिया के लिये है जानलो तुम
और कुछ है तो ये की गम है सारे हम और खुशियां तुम, रात हम और सुबह तुम
साथ दिखते नहीं बस, पर अलग भी किसीका कोई वजूद नहीं सच

अबसे लेके अंत तक दुआ हम दो करेंगे
एक तेरी, एक तेरे लिये करेंगे

कोशिश-ए-खताएं कम और मिन्नतें थोडी ज़्यादा करेंगे

अंत मेरा होगा नही जब दिल धडकाता न हो
सांस के आने जाने का ठिकाना ना हो
ये सब तो लैकिक है, पर रिशता हमारा अलैकिक है
मानो या ना मानो ज़िदा रहना और मर जाना सब तुमसे है


खुशी की बात बताना, दुखों का बताना बाटना
जीत की कहानी सुनाना, हार की हंसी उढाना
लडना, झगडना और प्यार निभाना
ख़ामी बताना, बङप्पन बढ चढ के बताना
हसना हसाना, रो के दिखाना
राज़ की बात बताना, और कुछ ना छुपाना
हट कर बेवक्त खाना बनवाना, ज़बरदसती तोफा दिलाना
सपने देखना दिखाना, सच से वाकिफ कराना
रिशते निभाना, रिशतों का भार उठाना
कल का ख़्याल बताना, आज में जी पाना
सोना जागना, खाना पीना, रोना हसना और हसाना
खेलना लडना, झगड के मनाना, करवाटों के रुख और एकस्टरा लड्डु से हाल-ए-दिल समझाना
ये जहां या वो जहां, वादा ईरादा या उनको निभाना
ये सब हमारा तुमसे है, जताना कतई नहीं आता
मुकम्मिल नही तो क्या है जो राबता हमारा तुमसे है

अधूरा है तो भी ग़म नही, इसको पूरा हम करेंगे

अबसे लेके अंत के अंत तक दुआ हम दो करेंगे
एक तेरी, एक तेरे लिये करेंगे

कोशिश-ए-खताएं थोडी कम और मिन्नतें काफी ज़्यादा करेंगे





©️ नकुल चतुर्वेदी, 07/18/2020














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